🌹कन्हैया से प्रेम🌹
नंद के लाल से मै तो , प्रेम करता कन्हैया से॥ गीत राधे के गाता मै , मिलाती है कन्हैया से॥ नंद के गाँव की गाये , प्रेम करती कन्हैया से॥ मौन हो तान सुनती है , बांसुरी की कन्हैया से॥ नगर की गोपीया सारी , प्रेम करती कन्हैया से॥ ठिठोली भी करे सारी गोपिया तो कन्हैया से॥ अनूठा प्रेम है देखो, गोपियो का कन्हैया से॥ प्रेम करलो सभी तुम भी यशोदा के कन्हैया से॥ मिलेगी छाछ पीने को , हमे प्यारे कन्हैया से॥ दही के संग मक्खन भी , मिलेगा जी कन्हैया से॥ नमन करता सभी को मै , प्रेम करलो कन्हैया से॥ नंद के लाल से तुम भी, प्रेम करलो कन्हैया से॥ नंद के लाल से मै तो, प्रेम करता कन्हैया से॥ कॉपीराइट © भीकम जांगिड़ कवि भंयकर कॉपीराइट © भीकम जांगिड़ कवि भंयकर