🌹बसंत पंचमी वाणी पूजन🌹
चाह नही मयुरासन पर मै बैठ कभी पूजा जाऊ चाह ऐक बस मात शारदे वरद हस्त मै तेरा पाऊ सदा रहूँ चरणो मे तेरे मै तेरा ही ध्यान लगाऊ गीत कविता छंद पढ़ू तो शब्द कोई मै भूल ना पाऊ लाज बचाना मात शारदे मै मंचो पर जब भी जाऊ ऐसी मेधा शक्ति दे दो शब्द पुष्प मै तुम्हे चढ़ाऊँ गूंगा गाये पंचम स्वर मे वर ऐसा मै तुम से पाऊ कंठ सुरिला मुझको दे दो वीणा पाणी शीश झुकाऊं जब भी गाऊँ गीत शारदे गीत आपके ही तो गाऊँ मात शारदे मात शारदे मात शारदे ही मै गाऊँ कॉपीराइट © भीकम जांगिड़ कवि भयंकर